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तन्हाई में घुटकर मर गया

तन्हाई में घुटकर मर गया तुम्हें मेरी फिक्र कहां है कहीं से मुस्कुराने की दो लब्ज मिल गए उसमें भी आकर जहर मिला गई

Hindi shayari
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